सतर्कता जागरूकता अभियान 2026
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) प्रत्येक वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाता है। इनका उद्देश्य सार्वजनिक प्रशासन में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना और लोगों को नैतिक आचरण के महत्व के बारे में और अधिक जागरूक करना है। यह एक महत्वपूर्ण जन-सहभागिता वाला सतर्कता अभियान है जिसका उद्देश्य नागरिकों, संगठनों और संस्थानों को साथ लेकर भ्रष्टाचार को रोकने और सुशासन की नींव को मजबूत करना है।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह हमें ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान करता है। भ्रष्ट प्रथाओं/आचरणों की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रणालियां, नियंत्रण और प्रक्रियाएं आवश्यक हैं, लेकिन स्थायी परिवर्तन तभी आ सकता है जब ईमानदारी हमारे व्यक्तिगत और संस्थागत व्यवहार का अभिन्न अंग बन जाए। ऐसा वातावरण तैयार करने में प्रत्येक नागरिकों की अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका है- जहां भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह न हो और वहीं सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी को महत्व दिया जाए और उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
यह सप्ताह प्रतिवर्ष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के आसपास मनाया जाता है, सत्यनिष्ठा, एकता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण से आज भी पूरा देश प्रेरणा लेता है। इस अवधि के दौरान, विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम एवं निवारक सतर्कता पहलें आयोजित की जाती हैं ताकि हितधारकों को उनकी जिम्मेदारियों को समझने और अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में नैतिक आचरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
वर्ष 2026 के लिए, सीवीसी ने “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” “Probity for Prosperity”.विषय की घोषणा की है और सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा। इससे पहले 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक एक अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें निवारक सतर्कता पहल और लक्षित क्षेत्रों पर जोर दिया जाएगा।
एक अग्रणी बैंक और एक जिम्मेदार संस्थान के रूप में, बैंक ऑफ बड़ौदा अपनी शाखाओं और कार्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से इस राष्ट्रव्यापी पहल का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये पहल कर्मचारियों और हितधारकों को सतर्कता की अपनी समझ को गहरा करने, नैतिक निर्णय-प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता एवं जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा देने का एक मंच प्रदान करेगी।
अत: सतर्कता जागरूकता सप्ताह - 2026 का पालन केवल एक औपचारिक अवसर नहीं है; यह एक आह्वान है। आइए, हम प्रत्येक निर्णय और प्रत्येक कार्य में ईमानदारी को अपना मूल मंत्र बनाएं, अपने पेशेवर व्यवहार के उच्चतम मानकों का पालन करें और मिलकर ऐसे संस्थान और समाज के निर्माण में योगदान दें जहां सत्यनिष्ठा स्थायी समृद्धि की नींव बन जाए।
आइए, हम अपनी ईमानदारी को बनाए रखें, सच्चाई और निष्ठा से काम करें, और एक पारदर्शी, जिम्मेदार और समृद्ध भारत बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लें।


