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रेत के कणों से लेकर पहाड़ों की बर्फ से ढकी चोटियों तक;
पत्ते की बनावट से लेकर प्रत्येक सांस एवं धड़कन तक;
प्रकृति हर स्वरूप में हमारा पालन-पोषण करते हुए हमारे जीवन को आसान बनाती है ताकि हम इस योग्य बनें कि उस जीवन दायिनी प्रकृति को वापस भी कुछ दे सकें।

हमारे बारे में

बैंक ऑफ़ बड़ौदा में संवहनीयता, हमारे परिचालन के केंद्र में है। 'बॉब अर्थ' अभियान के अंतर्गत की जा रही पहलों के माध्यम से, अपने पर्यावरणीय, सामाजिक एवं गवर्नेंस संबंधी प्रभावी नीतियों के साथ आगे बढ़ने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण किया जा सके।

बैंक ने अपनी जोखिम प्रबंधन विभाग के अंतर्गत 'ईएसजी सेल' की साथ-साथ 'जलवायु जोखिम और संवहनीयता कक्ष' की स्थापना की है, ताकि बैंक की स्थायित्वपूर्ण वृद्धि संबंधी पहलों को प्रोत्साहित किया जा सके और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए जलवायु जोखिमों की चुनौतियों का समाधान किया जा सके।


हमारी प्रतिबद्धता

उत्तरदायी बैंकिंग प्रथाओं के माध्यम से बैंक एक संवहनीय भविष्य को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Net Zero by 2057

75% Reduction in Scope 1 & Scope 2 emissions by 2034

50% financing in Energy Sector to Renewable Energy Sector by 2029


स्थायित्वपूर्ण वृद्धि और ईएसजी के लिए गवर्नेंस

बैंक की प्रभावशाली और प्रगतिशील ईएसजी गवर्नेंस संरचना, ईएसजी और जलवायु जोखिम प्रथाओं के सुचारू एवं प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी को सशक्त बनाती है, जो एक मजबूत और स्थायित्वपूर्ण वृद्धि वाली व्यावसायिक संस्कृति को प्रोत्साहित करती है। Click Here


साझेदारियाँ और सहयोग

ऋणों और निवेशों से जुड़ी ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन की माप और प्रकटीकरण के लिए एक मानकीकृत कार्यप्रणाली को अपनाने हेतु बैंक ने पार्टनरशिप फॉर कार्बन अकाउंटिंग फाइनेंशियल्स (PCAF) की सदस्यता प्राप्त की है।

संवहनीय फायनांस से संबंधित फ्रेमवर्क के निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए HSBC के साथ साझेदारी की गई है।


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स्थिरता संबंधी जानकारी और प्रकटीकरण


कला दीर्घा

बीओबी ESG नीति का शुभारंभ

बैंक ऑफ बड़ौदा ने प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई) और ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट (जीजीजीआई) के सहयोग से एशिया लो कार्बन बिल्डिंग्स ट्रांज़िशन (एएलसीबीटी) परियोजना के तहत “लो-कार्बन बिल्डिंग ट्रांज़िशन” पर दो दिवसीय कैपिसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम का आयोजन दिनांक: 3 और 4 नवंबर 2025 को कॉर्पोरेट कार्यालय, मुंबई में किया।


यह पहल एक अग्रणी साझेदारी का प्रतीक है — जो जीजीजीआई (GGGI), एएससीआई (ASCI) एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के बीच इस प्रकार की पहली साझेदारी है — जिसका उद्देश्य बिल्डिंग सेक्टर में सतत और लो-कार्बन प्रेक्टिसेस को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सम्मानित अतिथियों में सुश्री बीना वाहिद, कार्यपालक निदेशक; श्री रवीन्द्र सिंह नेगी, मुख्य जोखिम अधिकारी; श्री रामानुज शर्मा, उप मुख्य जोखिम अधिकारी; तथा सुश्री नेहा झावर, सहायक महाप्रबंधक, जोखिम प्रबंधन शामिल थे, जिन्होंने बैंक की मुख्य रणनीतियों में सतत एवं जलवायु कार्रवाई को समाहित करने पर ध्यान रेखांकित किया। जीजीजीआई (GGGI) के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक कुमार थानिकोंडा ने कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भाग लिया।

कार्यशाला में 40 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें 50% महिलाओं का प्रतिनिधित्व शामिल था, जिससे समावेशिता और लैंगिक संतुलन के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता पुनः स्थापित हुई। एएससीआई के प्रोफेसर सदस्यों में — श्री राज कुमार लूथरा, प्रो. पवन कुमार पर्नांडी और सुश्री विशाखा भंडारे — द्वारा संचालित विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने ग्रीन फाइनेंस, सतत भवन प्रौद्योगिकियों तथा बैंकिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में ईएसजी एकीकरण पर क्रियात्मक अंतर्दृष्टि प्राप्त की।



bob Forest

शहर में स्वच्छ प्राणवायु के संचार की पहल 🌱


बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने बीकेसी, मुंबई में शहर के बीचोंबीच अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में 6,000 वर्ग फुट का ग्रीन ओएसिस बॉब फॉरेस्ट विकसित किया है, जिसका औपचारिक उद्घाटन दिनांक 15 अगस्त, 2025 को हमारे प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री देबदत्त चांद के कर कमलों से किया गया। शहरी वानिकी की इस पहल के तहत अप्रयुक्त भूमि को एक स्थायी इको-सिस्टम में बदला गया है जो जैव विविधता और स्वच्छ हवा में योगदान करते हुए पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा। उत्तरदायित्वपूर्ण विकास और पर्यावरण उन्मुख भविष्य की दिशा में यह महत्त्वपूर्ण प्रयास है।💚

#bobForest #BankofBaroda #UrbanGreening #SustainableBanking #PreservingMotherEarth

Bob Forest Initiative
Protecting Mother Earth

बैंक ऑफ बड़ौदा ने वैश्विक आचार नीति दिवस 2025 मनाया – “आचार नीति की पुनर्कल्पना”

मुंबई, 15 अक्तूबर 2025
बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा वर्ष 2025 में वैश्विक नैतिकता दिवस का आयोजन किया गया , जो सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक उत्कृष्टता के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस वर्ष की वैश्विक थीम, "नैतिकता की पुन: परिकल्पना" ने बदलते और गतिशील वातावरण में नैतिक मूल्यों के निरंतर विकसित स्वरूप पर विचार करने के लिए प्रेरित किया तथा संगठन में विश्वास , जवाबदेही और नैतिक साहस को सुदृढ़ करने हेतु सामूहिक उत्तरदायित्वों के महत्व को रेखांकित किया।


कॉर्पोरेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत "नैतिकता की शक्ति" के शुभारंभ के साथ हुई, जो नैतिक निर्णय-निर्माण के वास्तविक जीवन के उदाहरणों को प्रदर्शित करने वाली विशेष रूप से तैयार की गई वीडियों शृंखला है। इसके पश्चात बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. देबदत्त चंद जी का उद्घाटन संबोधन हुआ, जिसमें उन्होने इस बात पर बल दिया कि नैतिकता और विश्वास बैंक की सफलता की मूल आधारशिला हैं।


एथिक्स इंडिया के संस्थापक डॉ. अनीता शांताराम ने अपने सत्र में एक इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित की, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि नैतिकता नियामक अनुपालन से कहीं आगे तक फैली हुई है और यह प्रतिदिन सही निर्णय लेने तथा व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक ईमानदारी के साथ नेतृत्व करने में निहित है । कार्यक्रम के दौरान आयोजित एक लाइव एथिक्स प्रश्नोत्तरी में स्टाफ सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की गई और संवादात्मक तरीके से प्रमुख नैतिक सिद्धांतों को सुदृढ़ किया गया।


एथिक्स इंडिया के संस्थापक डॉ. अनीता शांताराम ने अपने सत्र में एक इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित की, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि नैतिकता नियामक अनुपालन से कहीं आगे तक फैली हुई है और यह प्रतिदिन सही निर्णय लेने तथा व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक ईमानदारी के साथ नेतृत्व करने में निहित है । कार्यक्रम के दौरान आयोजित एक लाइव एथिक्स प्रश्नोत्तरी में स्टाफ सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की गई और संवादात्मक तरीके से प्रमुख नैतिक सिद्धांतों को सुदृढ़ किया गया।


बैंक के अंचलों एवं क्षेत्रों में, नैतिकता सप्ताह (15-18 अक्टूबर 2025) समारोह में निष्पक्षता और अखंडता को बढ़ावा देने वाले नैतिकता प्रतिज्ञा, चर्चा, प्रश्नोत्तरी और अभियान सम्मिलित थे। बैंक का कॉर्पोरेट नैतिकता विभाग, नैतिक नींव के निर्माण और उसे मजबूत करने के लिए वार्षिक नैतिकता सर्वेक्षण, साप्ताहिक नैतिकता प्रश्नोत्तरी और पीओएसएच/आचार संहिता जैसी पहल को जारी रखता है।


इस अवसर ने यह पुन: रेखांकित किया है कि नैतिकता बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यसंस्कृति का मूल आधार है और डॉ. देबदत चांद के संदेश को प्रतिध्वनित करती है कि: "विश्वास हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति है - नैतिकता से विश्वास बनता है, और विश्वास से व्यवसाय फलता-फूलता है।



Fostering Inclusion


Introducing bob inSIGHT Braille Debit Card

बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2025 मनाया गया
विषय: “बैंकएबिलिटीज – दिव्यांगजन व्यक्तियों की क्षमताओं पर बैंकिंग ”

मुंबई, 3 दिसंबर 2025:
भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में विशेष कार्यक्रम के रूप में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस (आईडीपीडी) 2025 मनाया, जिसका विषय "बैंकएबिलिटीज – दिव्यांगजन व्यक्तियों की क्षमताओं पर बैंकिंग " था। इस पहल ने बैंक के कर्मचारियों और व्यापक समुदाय के बीच जागरूकता को बढ़ावा देने, समावेश को बढ़ावा देने और विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) को सशक्त बनाने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।


2,325 से अधिक पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों के साथ, जो कि बैंक के कुल कार्यबल का ~ 3% प्रतिनिधित्व करते हैं, बैंक ऑफ बड़ौदा सुलभ कार्यस्थल, सहायक उपकरण, अनुकूलित भूमिकाएं और समान विकास के अवसर प्रदान करता है, विविधता, इक्विटी और समावेशन (डीईआई) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है। इस कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यपालक निदेशक सुश्री बीना वहीद और अन्य वरिष्ठ कार्यपालकों ने भाग लिया।


इस कार्यक्रम में स्टाफ सदस्यों द्वारा एक संवेदनशील स्किट और दृष्टिबाधित उद्यमी सुश्री सुश्मिता बी. बुबना, एसेंट नेटवर्क की सीईओ और मीडिया एंटरप्राइजेज-फैयडा की संस्थापक और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता सुश्री प्रेरणा ढोने जैसे कुछ प्रेरक पीडब्ल्यूडी अचीवर्स का अभिनंदन शामिल था। कार्यक्रम में दृष्टिबाधित बैंड "बंसूरी ब्लिस" द्वारा एक आकर्षक प्रदर्शन और दिव्यांगजन के लिए सेल्फ एस्टीम फाउंडेशन के दिव्यांगजन कलाकारों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का भी प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने सहानुभूति एवं उनकी समझ को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए इंटरैक्टिव, गैर-मौखिक खेलों में भी भाग लिया।


इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यपालक निदेशक सुश्री बीना वहीद ने कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस, प्रत्येक व्यक्ति के भीतर मौजूद अपार क्षमता की शक्ति की याद दिलाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा में, हम एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं - अवसर बनाना, एक्सेस को सक्षम करना और बाधाओं को दूर करना – जिससे कि प्रत्येक कर्मचारी एवं ग्राहक, गरिमामय एवं स्वतंत्रपूर्वक जीवन यापन कर सकते हैं।


इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यपालक निदेशक सुश्री बीना वहीद ने कहा कि “अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस, प्रत्येक व्यक्ति के भीतर मौजूद अपार क्षमता की शक्ति की याद दिलाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा में, हम एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं - अवसर बनाना, एक्सेस को सक्षम करना और बाधाओं को दूर करना – जिससे कि प्रत्येक कर्मचारी एवं ग्राहक, गरिमामय एवं स्वतंत्रपूर्वक जीवन यापन कर सकते हैं।


Climate Samman Award2026

इंडिया क्लाइमेट सम्मान 2026 | प्रशस्ति पत्र और सम्मान


बैंक ऑफ बड़ौदा को इंडिया क्लाइमेट वीक 2026 में सतत निवेश के लिए इंडिया क्लाइमेट सम्मान 2026 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।


बैंक की ओर से बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्रुप मुख्य जोखिम अधिकारी श्री रविन्द्र सिंह नेगी, डॉ. निकिता वी. राउत (उप महाप्रबंधक) और सुश्री नेहा झावर (सहायक महाप्रबंधक) ने भारत सरकार के विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक जी से पुरस्कार प्राप्त किया।


माननीय मंत्री श्री नाइक जी ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में बैंक के स्टॉल का भी दौरा किया एवं ईएसजी, जलवायु और स्थिरता पहल की सराहना की।


यह सतत विकास को बढ़ावा देने, जलवायु संबंधी कार्रवाई में तेजी लाने और अपने हितधारकों एवं पर्यावरण हेतु दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।


Climate Samman Award2026

बैंक ऑफ बड़ौदा को 19 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) राष्ट्रीय पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा (EHS) उत्कृष्टता पुरस्कार शिखर सम्मेलन के 18वें संस्करण में रजत श्रेणी के तहत "CII राष्ट्रीय EHS उत्कृष्टता पुरस्कार 2025" से सम्मानित किया गया है।


यह पुरस्कार बैंक की ओर से डॉ. निकिता वी. राउत, उप महाप्रबंधक, स्थिरता, ईएसजी और नैतिकता ने प्राप्त किया।


यह सम्मान, कर्मचारियों के कार्यस्थल सुरक्षा, स्थिरता और मजबूत ईएसजी प्रथाओं के माध्यम से लोगों को पूर्व की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।


भारत जलवायु सप्ताह 2026 में बैंक ऑफ बड़ौदा 🌍


बैंक ऑफ बड़ौदा ने कार्बन मार्केट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMAI) द्वारा आयोजित भारत मंडपम, नई दिल्ली में 12-17 मार्च, 2026 तक आयोजित इंडिया क्लाइमेट वीक 2026 में सम्मान भाव से प्रतिभागिता दी, जिसका विषय "गेटवे टू नेट जीरो" था।


बैंक ने 16-17 मार्च को एक आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल के माध्यम से ईएसजी, जलवायु वित्त और स्थिरता पहल में अपने नेतृत्व का प्रदर्शन किया, जिससे हरित वित्त और जलवायु कार्रवाई पर हितधारकों के साथ सार्थक संवाद को प्रोत्साहन मिला।


उक्त स्टॉल पर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक जी के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग विशेषज्ञों की उपस्थिति थी।


श्री रवींद्र सिंह नेगी, समूह मुख्य जोखिम अधिकारी ने "जलवायु वित्त के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देना" विषय पर आयोजित सत्र में एक पैनलिस्ट के रूप में बैंक का प्रतिनिधित्व किया, इस दौरान उन्होंने अभिनव वित्तपोषण के माध्यम से सतत ग्रामीण विकास को बढ़ाने पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि साझा की। साथ ही उन्होंने "आगे की राह तय करना”: इंडियाज रोडमैप टू ए नेट-जीरो वर्ल्ड" पर सम्मानित अतिथि के रूप में समापन भाषण भी दिया, जिसमें एक स्थायी भविष्य के लिए रणनीतिक मार्गों पर प्रकाश डाला गया।


अपनी भागीदारी के माध्यम से, बैंक ऑफ बड़ौदा ने भारत को कम कार्बन, लचीली और टिकाऊ अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।


Nurturing Nature: Jadav Payeng’s Inspiring Visit to bob Forest

As part of Bank of Baroda’s 119th Foundation Day celebrations, we had the privilege of welcoming Padma Shri Jadav “Molai” Payeng, the Forest Man of India at bob Forest situated in the Bank’s Corporate Office premises, BKC, Mumbai. In the presence of the Bank’s MD & CEO, Executive Director and other Senior leaders, Mr. Payeng planted a tree at bob Forest and shared insights from his remarkable journey of transforming a barren sandbar into a thriving forest. His enduring message that “we are all connected” resonated deeply with the Bank’s commitment to environmental stewardship and sustainable development. The occasion reaffirmed Bank of Baroda’s resolve to embed sustainability into its journey of responsible growth and contribute towards a greener future for generations to come.


बैंक ऑफ बड़ौदा की ईएसजी रेटिंग अब “एक्सीलेंट” में अपग्रेड हो गया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की ईएसजी रेटिंग को ESG Risk Assessment and Insights Limited (ESGRisk.ai, जो सेबी- पंजीकृत ईएसजी रिस्क रेटिंग प्रदाता है, द्वारा दिसंबर 2025 में 'स्ट्रांग' से 'एक्सीलेंट' में अपग्रेड कर दिया गया है बैंक ने पर्यावरण, सामाजिक और शासन मानकों में निरंतर प्रगति कर परिणामस्वरूप, समग्र रूप से 72 स्कोर प्राप्त किया है। यह सुधार बैंक द्वारा किए गए सामूहिक प्रयासों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।


मीडिया कवरेज

Bank of Baroda unveils environment, social, governance policy

23 अप्रैल 2025

The Hindu

Know more

Bank of Baroda unveils ESG policy, aims to achieve net zero emissions by 2057

23 अप्रैल 2025

The Hindu Business Line

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Bank of Baroda aims to achieve net-zero target by 2057

23 अप्रैल 2025

The Economic Times

Know more

बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने पृथ्वी दिवस पर लागू की अपनी नई ईएसजी नीति

24 अप्रैल 2025

Dainik Navjyoti

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